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कà¥â€à¤¯à¤¾ शिशॠके लिठगà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है
कई तरह के गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर होते हैं। शà¥à¤—र और à¤à¤²à¥â€à¤•ोहल यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर à¤à¥€ आता है। बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शà¥à¤—र की वजह से दांतों में कीड़ा लग सकता है और इससे शिशॠके दूध पीने में à¤à¥€ बदलाव आ सकता है।
आप à¤à¤¸à¥‡ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर को चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जो शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हों। पैकेट पर लिखी गई सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥â€à¤›à¥€ तरह से पढ़ने के बाद ही खरीदें। आप सोडियम बायोकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ और पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर à¤à¥€ दे सकते हैं।
सोडियम बायोकारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿ या बेकिंग सोडा डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना कोलिक बेबी को नहीं देना चाहिà¤à¥¤ इससे शिशॠके पेट में पीà¤à¤š लेवल पर असर पड़ सकता है और शिशॠमें कोलिक के लकà¥à¤·à¤£ गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं।
पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर शिशॠमें रिफलकà¥â€à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को बढ़ा सकता है। गà¥â€à¤²à¥‚टेन, डेयरी, पैराबींस और वेजिटेबल कारà¥à¤¬à¤¨ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देने से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤
आमतौर पर गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है लेकिन à¤à¤• महीने से कम उमà¥à¤° के शिशॠको इसकी सलाह नहीं दी जाती है। इस उमà¥à¤° तक शिशॠके पाचन तंतà¥à¤° का विकास हो रहा होता है।
​शिशॠको कब दें गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर
गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤• यह दावा करते हैं दो सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ तक के शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दिया जा सकता है। हालांकि, à¤à¤• महीने के होने तक शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर नहीं देना चाहिà¤à¥¤ कई लोगों का यह à¤à¥€ मानना है कि छह महीने तक के शिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• ही देना चाहिà¤à¥¤
इसलिठबेहतर होगा कि शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देने से पहले पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ से बात कर लें। दूध पिलाने के लगà¤à¤— दस मिनट बाद शिशॠको गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर देना सही रहता है। आप चमà¥â€à¤®à¤š या डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° से गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर दे सकती हैं।
शिशà¥à¤“ं के लिठगà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर कैसे दें?
आप à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š में या डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° की मदद से गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर दे सकते हैं। बाजार में कई बà¥à¤°à¤¾à¤‚डेड गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर उपलबà¥à¤§ हैं, जिनके डिबà¥à¤¬à¥‡ या बोतल पर लिखा होता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर देना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š का उपयोग करके मातà¥à¤°à¤¾ को मापें और फिर इसे अपने बचà¥à¤šà¥‡ को देने के लिठडà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° का उपयोग करें। गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर आमतौर पर मिनटों के à¤à¥€à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ दिखाता है, लेकिन यह कई कारकों पर निरà¥à¤à¤° करता है, जैसे कि शिशॠकी उमà¥à¤° और उसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾à¥¤
आमतौर पर गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर दिन में à¤à¤• बार दिया जाता है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड à¤à¤• बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देने की सलाह देते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर रहेगा।
गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वाटर लेने से पहले उसकी à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤¾à¤¯à¤°à¥€ डेट जरूर चेक कर लें। साथ ही उसमें मौजूद सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ पढ़ लें।
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